मेरी कविताओं और लेखों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आध्यात्मिक उन्नति का रहा है| मैं अपनी रचनाओं के माध्यम से युवाओं को संदेश देना चाहता हूं कि वे आलस्य त्याग कर कुछ नया करने की कोशिश करें| समाज और देश तथा धर्म के प्रति अपना कर्तव्य जाने और देश तथा समाज की प्रगति में अपना योगदान अवश्य दें| अपने विचारों की शक्ति से युवा वर्ग नए और सुसभ्य समाज की रचना कर सकता है| मेरा एक और उद्देश्य यह है कि आज समाज को शिक्षित बनाने के लिए युवा अधिक से अधिक योगदान दें | अगर मेरा सौभाग्य मेरे साथ रहा तो मैं भी इस पहल का हिस्सा बनकर एक शिक्षण संगठन बनाकर गरीब और अनाथ बालकों को प्रशिक्षित कर के समाज में उचित स्थान प्रदान करने की कोशिश करूंगा जिसकी शुरुआत मेरी रचनाओं और संशोधन कार्य से कर दी गई है