कविता संग्रह ‘पटना टू पोर्टलैंड’ में छिपी हैं कहानियाँ गाँव में जन्मी आकांक्षा की बिहार से अमेरिका के सफ़र की परदेस में धड़कते देसी दिल की कहानियाँ। यह कविता संग्रह चार भागों में बँटा है। भाग-1 “भूलती यादें” में गाँव की खुशबू और बचपन की शरारतें क़ैद हैं। ज़िंदगी का सफ़रनामा जो देहात से शुरू हुआ देवघर पटना बनारस बंगलोर मिनियापोलिस होता हुआ पोर्टलैंड पहुँचा। भाग-2 “सफ़र” में स्वयं को स्वयं में ढूँढ़ने की कहानियाँ हैं। भाग-3 “एक तस्वीर” ज़िंदगी से जुड़ी कुछ तस्वीरें चित्रित करता है। भाग-4 “मेरा घर मेरे लोग” समाज और देश से जुड़ी मुद्दों पर आक्रोश और संदेश है।.