मेरी कविताएं छंद मुक्त लिखी गई है जो केवल भाव प्रधान है।कविता के शीर्षक भी सभी के मन की भावनाएं लिख सकते है।पीड़ा में मनोदशा बड़ी विपरित होती है तन मन धन प्यारधोखाममतानारी को आज भी दबाया जाता है या और भीऐसी सभी भावनाओं से मन को समझा संभालना मेरी सभी कविताएं दर्शाती है।