गरिमा और राघव दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते है । राघव धनी परिवार से है और गरिमा साधारण परिवार से है फिर भी दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और शादी कर अपने नए जीवन की शुरुआत करते हैं । स्वाभिमानी राघव पिता से नाराज होकर अपना अलग बिजनेस शुरू करता है और पैसा कमाने की धुन में लगातार अपनी पत्नी व बेटे से दूर होता चला जाता है । पारिवारिक संबंधों में आने वाली उथल-पुथल दोनों को अलग होने के कगार पर लाकर खड़ा कर देती है । अंततः राघव अपनी गलती स्वीकार कर दोनों की जिंदगियों को बिखरने से पहले ही समेट लेता है और फिर से अपने पुराने प्यार को पा लेता है ।