प्यार की एक अनोखी कहानी जहां आज समाज में प्यार के नाम पर धोखा है।फरेब है। बलात्कार है। और कभी कभी तो प्रेमिका टुकड़ों - टुकड़ों में पायी जाती हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं। जिनके लिए प्यार का मतलब सिर्फ प्यार प्यार और प्यार है। ऐसे लोग हर युग काल में रहे हैं और आज भी हैं। जिनके लिए प्यार का मतलब सिर्फ प्यार प्यार और प्यार है। ऐसे ही निष्छल प्रेम की अनोखी दास्तान है। फिर मिलोगे कभी मैं अपनी यह दूसरी पुस्तक भी अपनी स्वर्गीय पत्नी प्रतिभा सभरवाल को समर्पित करता हूं।