प्रेम और विवाह के बीच बनतेबिगड़ते रिश्तों की एक दर्द भरी दास्तान। एक ऐसी सहनशील नारी की कहानी जो एकएक करके अपना सब कुछ गंवाती रही और अन्त में उसके पास कुछ न बचा। संयोग और परिस्थितियों ने उसका हृदय चूरचूर कर डाला। फिर भी वह किसी प्रकार अपने आप पर नियन्त्रण बनाये रही अपने टूटे हुए हृदय की एक किर्च तक उसने गिरने न दी। राजा साहब नामक एक क्रूर एवं विलासी जमींदार द्वारा नारी जाति पर ढाये गये जुल्मों की एक ऐसी दर्द भरी कथा जिसे पढ़तेपढ़ते आपकी आँखों के आगे भयावह दृश्य चित्रित हो जाएंगे।