पिता-पुत्र के संबंधों को लेकर यह एक मार्मिक उपन्यास लिखा गया है। इस उपन्यास में एक पिता अपने पुत्र के आगे हार जाता है लेकिन फिर भी वह गौरवान्वित महसूस करता है जबकि पहले अहम् की जंग होती है। वैसे दुनिया में हरेक पिता अपने पुत्र को अपने से आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है लेकिन इस उपन्यास की कहानी इस सबसे अलग हटकर है|