‘पोह की आख़िरी रात’ एक काव्य संग्रह है जिसकी हर कविता मेरे मन के अंतर्द्वंद्व और भावनाओं से निकली है और यह निश्चय ही आपके मन की गलियों को छूकर जाएगी; क्योंकि यह अभिव्यक्ति है उन भाव श्रृंखला की जो ज्वार-भाटा की तरह हर किसी के मन में उठते हैं । कभी व्यक्त हो पाती हैं कभी नहीं। दिल कुछ चाहता है दिमाग कुछ और समझाता है। इच्छाएं पंख लगा उड़ना चाहती हैं और समाज जमीन से जोड़े रखना चाहता है।