Potli Bhar Aas - कविता भावों की अभिव्यक्ति है। वह चाहे जिस तरीके से लिखी जाए उसके भाव उसका अनुशासन और उसकी सुघड़ता उसका परिचय करवाती है। ' पोटली भर आस' सक्रिय कवि एवं गीतकार आशीष दशोत्तर के नवगीतों का संग्रह है। ये छंदबद्ध रचनाएं हमारे रिश्तों हमारे आत्मीय संबंधों हमारे आस-पड़ोस के सामीप्य से हमें आबद्ध करती हैं। इन रचनाओं में हमारी धड़कन सुनाई देती है । ये रचनाएं बिंबों के ज़रिए हमें उस अनुभूति के क़रीब ले जाती है जो हमारे दिलों से वाबस्ता है। इन नवगीतों से गुज़रते हुए अपने जनपद अपने गांव अपने गली - मोहल्ले अपने सहोदरों को छूने का अहसास होता है। ये नवगीत आपको जीवन के उन सुनहरे पलों के निकट ले जाएंगे जो कहीं भीतर दबे पड़े हैं। ये नवगीत उम्मीदों के साथ मौजूद विश्वास के पलों की पोटली को समृद्ध करेंगे।