इस उपन्यास में भीष्म पितामह के महान चरित्र के समूचे पक्ष को रेखांकित करते हुए अदभुत घटनाओं का चित्रण किया गया है। गांधारी की अंतर बाह्य समस्त पीड़ाओं का वर्णन भी इसमें है और ममतामयी कुंती की सहनशीलता और बेबसी की मर्म को छूने वाली कथा भी इसमें है|
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.