पाँच खंडों में विभाजित इस कविता संग्रह में शामिल कविताएँ मूलत: संवेदनशीलता की कविताएँ हैं। राजेश्वर वशिष्ठ इस संग्रह में शामिल कविताओं के माध्यम से एक नवीन काव्य संसार का निर्माण करते हैं जिस संसार में सामाजिक व राजनैतिक सरोकार भी हैं तो स्त्री मन की थाह लेने का प्रयत्न करते बिंब भी। इस किताब में शामिल कविताओं में कवि आत्मीय संवादों के माध्यम से एक ऐसी बात कहने की कोशिश करता है जिसे मानव होने की संवेदनशीलता पुरातन समय से समाज से कहना चाहती है।यही बात इस संग्रह को अन्य संग्रहों से अलग बनाती है। महीन मानव संबंधों व रिश्तों के उलझते गणित को सुलझाने का प्रयत्न करती ये कविताएँ केवल शब्द भर नहीं है बल्कि कवि होने की नैतिक ज़िम्मेदारी के अनुकूल निर्वाह का जीवंत प्रमाण है