इस काव्य संग्रह को पूर्ण करने में दो माह का समय निर्धारित किया गया था परंतु कार्य आसान न था हठी स्वभाव ने इसे कम समय में ही पूर्ण कर सफल बनाया। विषयवस्तु चुनने की चुनौती भिन्न थी परंतु विचार-विमर्श के बाद ख़याल आया कि क्यों न ऐसे विषयों का चुनाव किया जाए जो हर व्यक्ति के मन में उठने-गिरने वाले भाव हैं। जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपने निजी जीवन में दो-चार होता है। अंतत: चुनाव के तौर पर मेरी दृष्टि अतुल बेटू पर पड़ी जिसने मेरे कार्य को सफल बनाने में हर संभव मदद की जिस प्रकार एक पुजारी उपवन से पुष्पों को चुन-चुन कर इकट्ठा करता है उसी प्रकार मेरे 950 काव्य-संकलनों से बेहतर से बेहतर कविताओं का चुनाव अतुल ने करवाकर मेरी समस्या का हल किया। इस काव्य संग्रह का मकसद कमाई करना शोहरत पाना या रेटिंग लेना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य हर उस गुमनाम अनजान साहित्य प्रेमी और आशिक शख्सियत को प्रेम की महत्ता बताने के साथ-साथ अपने जज़्बात को यूँ ही ज़ाया ना कर देने हेतु कलम से यारी कर सही दिशा और दशा प्रदान करना है। यह काव्य संकलन पीढ़ियों को यह संदेश भी देगा कि कवि रचयिता बनना बड़ा काम नहीं है पर इतना छोटा भी नहीं। ज़रूरत है तो सिर्फ सच्ची शिद्दत की पागलपन ही सच्ची शिद्दत या लगन को लक्ष्य तक पहुँचाता है। चाहे चाहत हो या मेहनत पागलपन ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। - प्रीति मेहरा