हर रोज़ अपने खोल को मैं तोड़ कर निकलता हूँ मैं ज़िंदगी हूँ ज़िंदगी को साथ लिए चलता हूँ विभिन्न शैलियों में लिखी गई यह कविता संग्रह जीवन के विभिन्न आयामों अनुभवों और भावनाओं को अपने भीतर समेटे हुए है। जिसे पढ़ने पर जीवन के अनंत गहराइयों में डूब जाने का और उसे छूने का अनुभव प्राप्त होता है।