सकारात्मक दृष्टिकोण का जीवन पर प्रभाव : मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है पंखों से नहीं होती हौंसलों से उड़ान होती है।<br>यह सकारात्मक दृष्टिकोण ही वह हौसला है जो हमारे जीवन की उड़ान को अंजाम देता है। विचारों में बहुत शक्ति होती है। हम क्या सोचते हैं इस बात का हमारे जीवन पर गहरा असर होता है।<br>नकारात्मक सोच रखने वाले को आधा भरा गिलास भी आधा खाली नजर आएगा और वहीं सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति को आधा खाली गिलास भी आधा भरा नजर आएगा।<br>इसमें कोई संदेह नहीं कि हम जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं आज हम वही हैं जो हमारी सोच ने हमें बनाया है। हममें से बहुत लोग ऐसे हैं जो काम या पढ़ाई की अधिकता को देखकर कहते हैं कि ये मुझसे नहीं होगा। यही वे नकारात्मक विचार है जो हमें आगे बढ़ने से रोकते हैं। जिस तरह एक पेड़ से माचिस की लाखों तीलियाँ बनती हैं लेकिन एक तीली ही काफी है लाखों पेड़ों को जलाने के लिए उसी तरह एक नकारात्मक विचार काफी है हमारे हजारों सपनों को जलाने के लिए। जीवन में शब्दों का नहीं विचारों का महत्व होता है। विचार दूर तक यात्रा करते हैं। ये हमारे आपके जीवन की दिशा बदलकर निराशा को दूर कर आशा का द्वार खोलते हैं। सकारात्मक विचारों की शक्ति तो बिस्तर पर पड़े रोगी को ठीक कर देती है। इन्हीं विचारों की बदौलत क्रिकेटर युवराज सिंह कैंसर जैसी बीमारी को मात दे पाये। नेपोलियन के शब्दकोष में असंभव शब्द नहीं था। क्यों? क्योंकि उसका दृष्टिकोण सकारात्मक था। विश्वविजेता बनने निकला सिकंदर अपना सपना कैसे पूरा कर पाया? इसी सकारात्मक सोच के कारण अपने आशावादी विचारों के कारण।<br>आज जरुरत है हर अच्छे विचार अच्छी सोच को अपनाने की। जब एक छोटी सी चींटी या मकड़ी से मिली सीख जीवन को बदलने का सामर्थ्य रखती है तो ये समझ लीजिए कि हमें दुनियाँ के हर प्राणी या वस्तु से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है। बस अपनी सोच को परिष्कृत करने का मार्ग खुला हो। जीवन एक विद्यार्थी की तरह हो। मतभेद कभी मनभेद ना बनने पाये। हमारे सीखने के रास्ते में कभी अहम ना आड़े आये। अपने सपनों को सकारात्मक सोच से सोचेंगे तो सफलता की फसल खुद-ब-खुद लहलहायेगी-