इस पुस्तक में अंतिम हिन्दू राजा पृथ्वीराज चौहान की सचित्र एवं प्रेरक जीवनगाथा दी गई है। बहुत ही सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक हरेक आयु वर्ग के लिए पठनीय है।. About the Author राजवीर सिंह दार्शनिक ने अपना करियर अध्यापन को चुना और आप प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद लेखन कार्य से जुड़े इसलिए आपके लेखन में जीवन का अनुभव झलकता है। आपने विश्व की महान हस्तियों के चिंतन पर काफी कुछ लिखा है।.