पंजाबी भाषा केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं वह दुनिया के उन सभी हिस्सों में बोली जाती है जहां पंजाबी बसते हैं। शायद इसीलिए पंजाबी कहानियों पर बहुत-से अलग-अलग प्रभाव पड़े जिनकी झलक कर्तार सिंह दुग्गल अमृता प्रीतम रामसरूप अणखी अजीत कौर संतसिंह सेखों और अफज़ल अहसन रंधावा और अन्य पंजाबी लेखकों की कहानियों में मिलती है। इस पुस्तक में संकलित कहानियों का चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। यह संकलन हिन्दी के पाठकों को पंजाबी साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।