यह पुस्तक जो र्दशाती है माँ और उसकी संतान का असिम प्रेम। जिसकी हम व्याख्या नहीं कर सकते। यह किताब सर्मपित है उन करोड़ों माताओं को। यह वो स्नेह और प्रेम है जिसे बहुत से लोग व्यक्त नही कर पाते। मगर इस किताब के जरिये इन लेखकों की रचनाओं के जरिये। एक सम्मान प्रकट कर सकते हैं। अपनी माँ के लिए। इनमें मौजूद रचनाएँ प्रेम की भावनाओं को प्रकट करती हैं। यह सिर्फ कहानीयां या कविताओं का संग्रह नहीं है। यह संग्रह है भावनाओं का। आखिर माँ कि कमी क्या होती है? जिंदगी में उससे दूर रहने का एहसास। एक वक्त जो बदल गया जिस माँ के बिना हम एक पल नहीं रह सकते थे अब कैसे हम उसे नजर अंदाज कर देते है? आशिर्वाद माँ का क्या होता है? उसकी परवरिश एक बेटी उसके आंगन में जब खेलती है। बस इनहि जिंदगी के पहलुओं को हमने अपनी इस किताब में उकेरा है। आशा करता हूँ आप लोगो को पसंद आएगी ।