प्रस्तुत सजल संग्रह -1 (पुष्पांजलि) के रचयिता श्री तामेश्वर प्रसाद उपाध्याय मूलतः विज्ञान के छात्र रहे हैं । उन्होंने भौतिकी में स्नातकोत्तर उपाधि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किए । तत्पश्चात विद्युत अभियांत्रिकी में उन्होंने स्नातक उपाधि प्राप्त किया तथा मानव प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त किया ।परमाणु वैज्ञानिक के रूप में वे अपनी सेवाएँ भारत सरकार को प्रदान किए । ब्वायलिंग वाटर रिएक्टर तथा भारी पानी रिएक्टर्स के निर्माण प्लानिंग प्रशिक्षण तथा प्रचालन में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएँ देश के लिए समर्पित किए । तारापुर परमाणु विद्युत केन्द्र महाराष्ट्र नरौरा परमाणु विद्युत केन्द्र बुलंदशहर उत्तर प्रदेश तथा चुटका मध्यप्रदेश परमाणु विद्युत परियोजना मंडला मध्यप्रदेश में उन्होंने अपनी सेवाएँ दीं ।हिंदी साहित्य में उनकी रुचि बचपन से ही रही है । शासकीय सेवाओं के दौरान भी अनेकों विभागीय पुस्तकों को अंग्रेजी से हिंदी में रूपाँतरित किए । विभागीय हिंदी पत्रिकाओं में उनके आलेख समय समय पर छपते रहे ।सेवा निवृत्त के बाद वे सक्रिय रूप से हिंदी की सेवा में जुट गए । उनके दो काव्य संग्रह प्रकृति के रंग जीवन के संग तथा रंग-बिरंगी दुनिया प्रकाशित हो चुके हैं । हिंदी काव्य की नवीन विधासजल काव्य की शुरुआत उन्होंने सन् 2023 से किया तथा विगत एक वर्ष में उनके तीन साझा सजल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं । प्रस्तुत सजल संग्रह -1 (पुष्पांजलि) उनका प्रथम एकल सजल संग्रह है जिसमें विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक धार्मिक तथा राजनीतिक परिस्थितियों का सजीव चित्रण विभिन्न प्रतिबिंबों के माध्यम से किया गया है ।