साहसी करिश्माई और नैतिक व्यक्तित्व वाले राहुल बजाज ने दुनिया की सबसे मूल्यवान दोपहिया कंपनी बजाज ऑटो और वित्तीय सेवाओं की पावरहाउस बजाज फिनसर्व का निर्माण किया। उन्होंने भारत के सबसे प्रभावशाली और सफल व्यावसायिक समूहों में से एक का नेतृत्व किया। एक प्रसिद्ध व्यवसायी नेता पूर्व सांसद और एक प्रभावशाली राष्ट्रीय प्रतीक राहुल बजाज वस्तुतः भारत के स्वातंत्र्योत्तर युग के प्रतीक हैं। इस पुस्तक में बेस्टसेलिंग लेखिका गीता पिरामल बजाज और उनके उथल-पुथल भरे जीवन तक बेबाक रूप से पहुँचती हैं। कथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी माँ के कारावास के विवरण से शुरू होती है और एक महत्त्वाकांक्षी उदारीकरण के बाद के देश में जीवन की झलकियाँ प्रदान करती है। स्टार्ट-अप के युग में पिरामल ने ‘हमारा बजाज’ के पीछे के व्यक्ति की स्थायी विरासत का चित्रण किया है। सूक्ष्म अवलोकन और गहरी अंतर्दृष्टि से भरपूर यह जीवनी परिवार व्यवसाय और सार्वजनिक जीवन के बारे में अतुलनीय सबक से भरपूर है और अंततः समाज के ताने-बाने पर एक अमिट छाप छोड़ती है।