भारत को आगे बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं | हमारा सौभाग्य है की हमने अवसरों के देश भारत में जन्म लिया | पर अफसोस की बात यह है की ज़्यादातर नागरिक अपनी योग्यता का सदुपयोग करने और अपने कार्यों की ज़िम्मेदारी लेने की बजाए अन्य व्यक्तियों और बाहरी परिस्थितियों जैसे महंगाईसरकारइत्यादि पर दोष मढ़ देते हैं | इस पुस्तक में कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है की एक आम भारतीय नागरिक भी प्रदूषण/कूड़ा न फैलाकरजल का समझदारी से इस्तेमाल करकेदहेज न लेकरनियंत्रित गति से गाड़ी चलाकरभ्रूण हत्या को रोककररक्तदान इत्यादि जैसी चीजें करके एक बेहतर समाज और एक शानदार भारत का निर्माण कर सकता है | समाजसुधार के साथ ही साथ इस पुस्तक में कुछ आत्मसुधार से जुड़े अध्याय भी शामिल हैं क्योंकि समाज में सुधार के साथ साथ-साथ स्वयं में भी सुधार आवश्यक है