थेसारस किसी भी समृद्ध भाषा की मौलिक आवश्यकता है। अंग्रेज़ी में बहुप्रचलित थेसारस पीटर रॉजेट ने डेढ़ सौ वर्ष पूर्व बनाया था जिसके आधार पर आज पचासों थेसारस चल रहे हैं। दुनिया का पहला थेसारस अमरकोश यधपि हजार वर्ष पूर्व भारत में ही बना- जिसका विस्तृत उल्लेख रॉजेट ने अपनी भूमिका में किया है- परंतु आज हम अपनी इस परम्परा को बिलकुल भूल बैठे हैं। अनेक वर्ग के लोग यथा लेखक अनुवादक वक्ता अध्यापक शिक्षार्थी कर्मचारी- थेसारस का उपयोग ही अधिक करते हैं और उसी से सामान्य कोश का काम भी लेते हैं। हिंदी में अच्छे थेसारस अब तक प्रकाशित नहीं हुए हैं। प्रस्तुत द्विभाषी थेसारस इस दृष्टि से तैयार किया गया है कि आज हिंदी के साथ अंग्रेजी का भी समान-रूप से प्रयोग किया जा रहा है इसलिए प्रयोगकर्ता की दोनों भाषाओं की आवश्यकता पूर्ण की जानी चाहिए। दोनों भाषाओं के सामान्य उपयोग में आने वाले शब्दों से कहीं अधिक शब्द इसमें सम्मिलित किये गये हैं। हिंदी तथा अंग्रेजी से जुड़े देश-विदेश में फैले लाखों लोगों के लिए यह थेसारस बहुत उपयोगी है।