‘राम कथा का वैश्विक परिदृश्य’ विद्वान लेखक डॉ. शिव सिंह ‘सरोज’ के राम कथा विषयक दुर्लभ निबन्धों का संग्रह है। इस कृति में राम कथा के प्रभाव का भारतीय इतिहास भौगोलिक सीमाओं धर्म दर्शन तथा भारतीय संस्कृति का केवल भारत ही नहीं पूरे विश्व पर क्या प्रभाव पड़ा आदि विविध विषयों पर दुर्लभ सामग्री दी गयी है। इस पुस्तक में विदेशी रामकथाओं तथा प्रवासी भारतीय बहुल देशों में श्री राम के नाम पर बसे नगरों आदि का उल्लेख है। जैन मत व बौद्ध मत में रामकथा का विस्तार किस प्रकार हुआ इसके विषय में एवं विदेशों में प्रचलित विविध रामकथाओं का प्रमाण सहित विवरण प्रस्तुत किया गया है। महाभारत में रामायण शीर्षक लेख में महाभारत और रामायण के पात्रों का तुलनात्मक अध्ययन भी प्रस्तुत है। इस कृति का प्रकाशन अयोध्या शोध संस्थान की महत्त्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इसके प्रकाशन से भारत भूमि और राम कथा के प्रति जो गौरवबोध पूरे विश्व में है उसके विषय में पाठकों को जानकारी मिलेगी तथा राम कथा के प्रभाव का प्रसार निरंतरता पायेगा ऐसा विश्वास है।