कहानी संग्रह - ‘रंग गुलाल और अन्य कहानियाँ’ पुस्तक पढ़ने से पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं को देखने का अवसर मिलेगा; जैसे- गरीब अभावग्रस्त लोग पारिवारिक व्यथाएं गंगा जमुनी तहजीब रहस्यवाद शिक्षाप्रद संदेश जन्म भूमि की यादें यौन शोषित कारनामे अपना-अपना जमीर नारी प्रधान कहानियाँ दलित वर्ग बेरोजगारी व्यभिचारी धर्म की ओट में दूसरे धर्म की चोट की चेष्टा वन्य प्राणी शिकार की शिक्षाप्रद कहानी आतंकवाद समाज सेवा के नाम पर धब्बा समाजवाद भिक्षावृत्ति झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की दिनचर्या संगठन में ही एकता है आदि। इस प्रकार समाज की विसंगतियों का चित्रण इन कहानियों में हुआ है जिन्हें पढ़कर पाठक को सत्य की अनुभूति होती है एवं एक आत्मिक सुख प्राप्त होता है।