रानी सारंधा में नायिका मान-मर्यादा के लिए आत्मत्याग और बलिदान का सजीव उदाहरण है। रानी सारंधा मुगलों से घिर जाने पर भी अपने पति ओरछा नरेश चंपतराय की बात मानते हुए उनके सीने में तलवार मारकर पुन: अपनी भी उसी तलवार से हत्या कर देश के लिए बलिदान हो जाती है। इस तरह भारतीय इतिहास में रानी सारंधा अग्रणी स्थान पाती है।इसी के साथ प्रेमचंद की कई अन्य कहानियाँ भी इस संग्रह में दी गई हैं जो प्रेरक भी हैं और बेहद रोचक भी। अन्य कहानियाँ भी इतिहास के अनछुए पन्नों से निकली ऐसी कथाएँ हैं जो देश और धर्म के लिए बलिदान होने की सीख ही नहीं वरन देश की रक्षा के लिए शत्रुओं के विनाश की शिक्षा भी देती हैं।