राष्ट्रीय नवजागरण और भारत भारती.......पारुल सिंह राठौर मैथिलीशरण गुप्त द्वारा प्रणीत भारत भारती एक कालजयी कृति है। यह कृति द्विवेदी युगीन नवजागरण का सर्वाधिक उल्लेखनीय ग्रंथ है। इसमें भारत के गौरवशाली अतीत का काव्यात्मक आख्यान प्रस्तुत किया गया है। पारुल सिंह राठौर ने अपनी इस पुस्तक में भारत भारती और भारतीय नवजागरण के अंतःसंबंधों की गहन पड़ताल की है। लेखिका ने विवेचनात्मक रूप से दिखाया है कि भारत भारती ने कैसे भारत की राष्ट्रीय चेतना को जगाने का कार्य किया। अपनी कृति में भारत के सांस्कृतिक अतीत को रेखांकित करते हुए लेखिका ने पुनर्जागरणकालीन भारतीय चेतना की अनेक परतों को उभारकर सामने रख दिया है। पाठको को भारत भारती के महत्त्व को समझाने में यह किताब अत्यंत उपयोगी साबित होगी।