राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का उद्देश्य हिंदू समाज की नींव को सामाजिक सांस्कृतिक आर्थिक धार्मिक दार्शनिक और राजनीतिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए किया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक निःस्वार्थ अपने राष्ट्र और धर्म के लिए सेवा-भाव रखते है। एक स्वयंसेवक होने के नाते मुझे इस अद्भूत संगठन को जानने पढ़ने और समझने का मौका मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जानना आसान लेकिन समझना बहुत ही कठिन है। इस पुस्तक में विभिन्न लेखकों के द्वारा अपने विचार संघ के भिन्न-भिन्न आयामों पर रखे गये है जैसे- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरभ्म से आज तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र निर्माण में भूमिका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आर्थिक आयाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सामाजिक-सांस्कृतिक आयाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शैक्षणिक आयाम तथा नैतिकता एवं अनुशासन नामक शीर्षक से लेख लिखे गये है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अनेक मूर्धन्य विद्वानों ने पुस्तकों का लेखन कार्य किया है उन सब की तुलना में मै एक अबोध बालक हूँ। इस प्रयास में जो कमियाँ रह गयी है उससे मुझे अवगत कराने का कष्ट मेरे शुद्धि पाठक अवश्य करें आप लोगों की महती कृपा होगी। जिससे यह पुस्तक सभी पाठको के लिए उपयोगी सिद्ध हो सके यही मेरी आप सभी से और ईश्वर से प्रार्थना है।
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