इस पुस्तक के अनुभव सिद्ध एवं व्यवहारिक ज्ञान ने जेरमिन कीरो एवं बेन्हाम जैसे विदेशी विद्वानों को भी मीलों पीछे छोड़ दिया है। पाश्चात्य एवं पूर्वात्य सिद्धांतों से सम्मिश्रित कम्पूयटर की तरह शीघ्र फलादेश बताने वाली प्रस्तुत हस्तरेखाओं की मिनी इनसाक्लोपीडिया है जिसमें हस्तरेखा शास्त्र के परम्परागत इतिहास पर भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं मूल्यवान सामग्री प्रबुद्ध पाठकों को पहली बार प्रस्तुत की जा रही है।