इस पुस्तक की कहानियों में जहाँ गहरी संवेदनशीलताएँ हैं वहीं विद्रोह के स्वर भी मुखर हैं। पात्र हमारे निकट के हैं। राही की कहानियाँ पढ़ते हुए लगेगा कि इन पात्रों को हम इन पात्रों को अच्छी तरह जानते हैं। ये पात्र तो हमारे आसपास ही रहते हैं। मानव ज़िंदगियों को करीब से देखकर जीवन की साधारण लगने वाली घटनाओं में से असाधारण कहानियाँ निकाल कर ले आते हैं लेखक चंद्रभान राही। किस्सा गोई की कला को उन्होंने अच्छी तरह साधा है। अतः वे परत दर परत अपने विषय को खोलते चलते हैं और एक सार्थक कहानी बन जाती हैै। इनकी कहानियाँ उद्देश्यपूर्ण हैं। अपने समय और समाज की गहर की पड़ताल करती हैं उनकी “रोटी की कीमत” तथा अन्य कहानियाँ।