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About The Book
Description
Author
इक्कीसवीं सदी में पाकिस्तान में कैसी ग़ज़लें कही जा रही हैं इसका अंदाज़ा आप इस किताब से लगा सकते हैं। यूँ तो पाकिस्तान में बेशुमार शायर हैं और उनमें से कुछेक को ही इस किताब के लिए चुनना एक चुनौती थी। तो चुनाव का पैमाना यह रखा गया कि शायर ऐसे हों जिनकी ग़ज़लों को हिन्दी के पाठक समझ सकें और उनसे हिन्दुस्तान के लोग कुछ हद तक वाकिफ़ हों। इस पैमाने पर सात शायर ही खरे उतरे और उन सात शायरों की चुनिंदा ग़ज़लें इस किताब में पेश हैं। शायरों और उनकी ग़ज़लों को चुनने का मुश्किल काम और उनका सम्पादन तुफ़ैल चतुर्वेदी ने बेहतरीन ढंग से किया है। उन्होंने बरसों तक अपनी लफ़्ज पत्रिका के माध्यम से पाठकों को उर्दू की बेहतरीन शायरी से परिचित कराया।