भारत के ही नहीं बल्कि हजारों वर्ष के विश्व इतिहास में अनेक महापुरुषों के चरित्र ने जनमानस को प्रभावित किया। उनमें राम का नाम प्रमुखता लिया जाता है। राम से पूर्व हमें ब्रह्मा विष्णु और महेश के साथ अनेक महर्षियों ऋषियों और अन्य देवियों के नाम मिलते हैं। इन सभी ने विश्व के मानव समुदाय को न केवल वैज्ञानिक जीवनशैली दी अपितु ज्ञान का वह भंडार दिया जिसके बल पर आज संपूर्ण विश्व के वैज्ञानिक नवीनतम अन्वेषण में व्यस्त हैं।<br>रामायण और रामचरितमानस दोनों ग्रंथ राम भक्तों के प्रेरणा स्रोत हैं और विद्वानों के लिए आदर्श रहे हैं आज भी हैं एवं भविष्य में भी रहेंगे।