‘सच्ची उक्ति शसक्त वैचारिकी का प्रथम संस्करण पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है। प्रस्तुत संस्करण में पुस्तक में आद्योपान्त यह प्रयास किया गया है कि भाषा बोधमय व सरल बनी रहे। इस पुस्तक में बहु आयामी गुणों के मानवीय वैचारिक विकास पर बल दिया गया है। देश की अखण्डता और अन्तर्राष्ट्रीय बन्धुत्व भावना सहित दलित्तोथान व नारी जागृति के स्तर पर भी प्रेरणाओं को स्थान दिया गया है। तर्क संगत वास्तविक तथ्यों का समावेष किया गया है और केवल ज्ञानवर्धक बातों के लिये ही पुस्तक का सृजन किया गया है। पाखण्डवाद अन्धविश्वास से परे सजग प्रहरी के रूप में रचना सृजित की गई है। इस पुस्तक में पद्य व गद्य दोनों प्रकार की रचनायें भी समाहित हैं। यह बहुआयामी गुणों से युक्त ज्ञानवर्धक पुस्तक समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप जागृति हेतु सभी पाठकों के लिये उपयोगी व लाभकारी सिद्ध होगी।