Sadguru Samarpan (??????? ??????) & Mitti Ke Diye (?????? ?? ????)
Hindi

About The Book

ओशो के प्रखर विचारों ने ओजस्वी वाणी ने मनुष्यता के दुश्मनों पर संप्रदायों पर मठाधीशों पर अंधे राजनेताओं पर जोरदार प्रहार किया। लेकिन पत्र-पत्रिकाओं ने छापीं या तो ओशो पर चटपटी मनगढंत खबरें या उनकी निंदा की भ्रम के बादल फैलाए। ये भ्रम के बादल आड़े आ गये ओशो और लोगों के। जैसे सूरज के आगे बादल आ जाते हैं। इससे देर हुई। इससे देर हो रही है मनुष्य के सौभाग्य को मनुष्य तक पहुंचने में।कहानियां सत्य की दूर से आती प्रतिध्वनियां हैं: एक सूक्ष्म सा इशारा एक नाजुक सा धागा। तुम्हें खोजते रहना होगा। तब कहानी धीरे अपने खजाने तुम्हारे लिए खोलने लगेगी। यदि तुम कहानी को वैसे ही लो जैसी वह दिखाई देती है तुम उसके संपूर्ण अर्थ से ही चूक जाओगे। प्रत्यक्ष वास्तविक नहीं है। वास्तविक छिपा है. बड़े गहरे में छिपा है जैसे किसी प्याज में कोई हीरा छिपा हो। तुम उघाड़ते जाते हो उघाड़ते जाते होः प्याज की परतों पर परतें और तब हीरा उजागर होता हैओशपुस्तक के कुछ मुख्य विषय3बदुधार्मिक चित्त क्या है?सत्य की खोज में सर्वाधिक आवश्यक क्या है? महत्वाकांक्षा का मूल क्या हैमनुष्य का भय क्या हैउसकी चिंता क्या हैधर्म क्या है-जीवन क्या हैप्रेम क्या है?.
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