आप दैनिक जीवन में जो सोचते हो वह बन जाते हो | वही व्यवहार से वही नतीजे सामने आते है आप चुने जाते हो आपके IQ की वजह से लेकिन निकले जाते हो आपके EQ वजह से | हम जो पढ़ाई करते है वह मात्र केवल 15% होता है और बाकी हमारा लोक व्यवहार 85% होता है | वही हमारे सफलता का सबसे बड़ा हिस्सा बनता है| यह पुस्तक इसी 85% हिस्से पर कार्य करती है | प्रैक्टिकल जीवन में सबसे ज्यादा तनख्वाह उनको नहीं मिलती जिनके पास सबसे ज्यादा नॉलेज होता है बल्कि सबसे ज्यादा तनख्वाह उन लोगों को मिलती है जिन्हें लोगों की व्यवहार की कला का प्रैक्टिकल ज्ञान है | आज सैकड़ों कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैं जो लाखों ग्रेजुएट बना तो रहे हैं लेकिन कितनों को सही नौकरी मिल पाती है और मिलती भी है तो कितने उसे टीका पाते हैं |यह पुस्तक आपको सिखाएगी हर शब्द को बस अनुभव जोड़ना है | विश्व के महान लेखकों के पुस्तक पढ़ने के बाद उन्हें जीवन में उतारने के बाद आप तक यह पुस्तक पहुंच रही है|यह विचार किसी एक पुस्तक एक व्यक्ति के अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि कई महान लोगों के विचारों का निचोड़ है या सिद्धांत है जिसे अपनाकर कोई भी लोक व्यवहार में निपुण हो सकता है |अब तक इसी सिद्धांत का उपयोग कर हजारों लोगों ने अपना जीवन में रूपांतरण किया है अब आपकी बारी |- प्रो.दिनेश गुप्ता