'सहमा-सा सुख' में कुल पाँच प्रेम-कहानियाँ हैं। सभी अलग रंग अलग मिज़ाज और अलग संवेदना लिए जीवन सत्य की कहानियाँ हैं। जीवन के चौथे भाग की ओर बढ़ते महिला-पुरुष की सहज संतुलित आत्मीय भावनाओं के माध्यम से इन कहानियों में बहुत कुछ अनकहा कह देने तथा बहुत कुछ कहे हुए को अनकहा रहने देने की कोशिश की गई है।