सी.एल. मिश्र साहिल एक संभावना शील गजलकार हैं गजलकार यदि सिर्फ लिखता है तो वह अधिक महत्वपूर्ण नहीं बन पाता परन्तु यदि उसकी अदायगी के स्वर भी फिजा में गूंजे तो वह दुष्यंत और नीरज भी हो जाता है श्री साहिल को लिखने एवं कहन भी परम्परा में महारथ प्राप्त गजलकार हैं।