‘सलाखों में ख़्वाब’
कुमार शर्मा ‘अनिल’ के यदि काव्य सौंदर्य-बोध की बात करूँ तो उनकी हर कविता शाब्दिक और भावनात्मक सौंदर्य से परिपूर्ण है। हर लघु कविता में मानव हृदय की अनुभूति है संवेदनाएँ हैं। कहानियों नाटकों और लघु कथाओं की ही तरह इन लघु कविताओं का शिल्प शब्द संयोजन मीटर लय अपनी तमाम सुंदरता के साथ उजागर होकर पाठकों के सामने आया है। शब्दों की बुनावट और चयन मन को छूता है। भाषा सहज सरल और शुद्ध है। भावों में अतिशयोक्ति नहीं। दरअसल ये सभी लघु कविताएँ मन के धरातल से उपजी हैं।
-मनजीत शर्मा ‘मीरा’