स्टीफ़न हॉकिंग की वैश्विक स्तर की बेस्टसेलर पुस्तक अ ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम वैज्ञानिक लेखन के सन्दर्भ में एक ऐतिहासिक महत्त्व की पुस्तक थी। इसकी एक वजह इसके लेखक की प्रभावी अभिव्यक्ति थी और दूसरी वजह वे सम्मोहक विषय हैं जिनके बारे में वह बात करते हैं : देश और काल की प्रकृति सृष्टि की प्रक्रिया में ईश्वर की भूमिका ब्रह्माण्ड का इतिहास और भविष्य। लेकिन यह भी सही है कि उस पुस्तक के प्रकाशन के बाद पाठक लगातार प्रोफ़ेसर हॉकिंग से पुस्तक की कुछ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में पेश आने वाली मुश्किलों की बात करते रहे थे। यही समय का सरल और संक्षिप्त इतिहास (अ ब्रीफ़र हिस्ट्री ऑफ़ टाइम) का उद्गम और उसके लिखे जाने का कारण है : पुस्तक की विषयवस्तु को पाठकों की पहुँच में लाना और साथ ही ताज़ा-तरीन वैज्ञानिक पर्यवेक्षणों और खोजों के साथ उसे उसका वर्तमान रूप देना। यद्यपि यह पुस्तक वाक़ई किसी हद तक ‘संक्षिप्त’ है यह वास्तव में मूल पुस्तक के प्रमुख विषयों को विस्तार देती है। मैथमैटिक्स ऑफ़ केऑटिक बाउण्ड्री कन्डीशन्स जैसी विशुद्ध तकनीकी अवधारणाओं को हटा दिया गया है। इसके विपरीत सापेक्षता वक्र स्पेस और क्वांटम सिद्धान्त समेत व्यापक दिलचस्पी के अनेक विषयों को जिनको समझना इसलिए मुश्किल था क्योंकि वे पूरी पुस्तक में कई जगह समाहित थे अब समग्र अध्याय समर्पित किये गये हैं। इस पुनर्संगठन ने लेखक को स्ट्रिंग सिद्धान्त की नवीनतम प्रगति से लेकर भौतिकी के समस्त बलों के सम्पूर्ण एकीकृत सिद्धान्त की खोज की दिशा के उत्तेजक घटनाक्रमों तक विशेष रुचि के क्षेत्रों तथा हाल में हुई गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करने की गुंजाइश दी है। पुस्तक के पिछले संस्करणों की तरह और उससे भी कहीं बढ़कर समय का सरल और संक्षिप्त इतिहास देश और काल के मर्म के आकर्षक रहस्यों की दिशा में जारी खोज में सभी गैर-वैज्ञानिक पाठकों का मार्गदर्शन करेगी।