धर्म और राजनीती :उनके शब्द निपट जादू हैं'' अमृता प्रीतम श्भारत ने अब तक जितने विचारक पैदा किये हैं वे उनमें सबसे मौलिक सबसे उर्वर सबसे स्पष्ट और सर्वाधिक सृजनशील विचारक थे। उनके जैसा कोई व्यक्ति हम सदियों तक न देख पाएंगे। ओशो के जाने से भारत ने अपने महानतम सपूतों में से एक खो दिया है। विश्वभर में जो भी खुले दिमाग वाले लोग हैं वे भारत की इस हानि के भागीदार होंगे। -खुशवंत सिंह सुविख्यात पत्रकार एवं लेखक|।संभोग से समाधि की ओर भाग - 3 : नारी और क्रान्ति :संभोग से समाधि की ओर भाग-3: नारी और क्रान्ति ओशो की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है जो नारी की भूमिका को यौनिकता और आध्यात्मिकता के संदर्भ में प्रस्तुत करती है। इसमें नारी की स्वतंत्रता और समाज में उसकी भूमिका पर गहन चर्चा की गई है। ओशो ने यौनिकता को आध्यात्मिकता का हिस्सा बताते हुए नारी के लिए यौनिकता से समाधि तक पहुँचने का मार्ग दिखाया है। यह पुस्तक स्त्री और समाज के लिए क्रांतिकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।