समी बच्चे को गोद में उठा मंदिर में पहुंचा और भवानी का स्मरण कर शिव सत्ता को पुकारने लगा जिसने अर्धनारिश्वर रूप ले सृष्टि का निर्माण किया उस सत्ता का स्मरण करने लगा और देखते ही देखते वह नारी रूप में परिणित हो गया वह अब अर्धनारिश्वर था और अपने वक्ष स्थल से बच्चे को लगा दूध पिला रहा था सारा गांव जब पलटकर देखता है तो समी उस बच्चे के लिए मां और पिता दोनों ही रूप ले चुका था वैशाली सदमे में थी.... और जीवाजी अपराध बोध में हाथ जोड़े खड़े थे...।