बीसवीं सदी के अंतिम दशक और इक्कीसवीं सदी के प्रथम दशक में उदारीकरण और भूमंडलीकरण की जैसी प्रक्रियाओं से व्याप्त समकालीन समय और समाज को गहराई से अपनी कहानियों में उकेरने वाले कुछ चुनिंदा रचनाकारों की कहानियों को संकलित करने का मैंने प्रयास किया है। आशा है कि पाठकों को संकलन की कहानियाँ संवेदित करेंगी और उनमें साहित्य और समाज को समझने की दृष्टि विकसित करने में सहायक होगी।