Sampoorna Kahaniyan : Phanishwarnath Renu
shared
This Book is Out of Stock!

About The Book

सम्पूर्ण कहानियाँ फणीश्वरनाथ रेणु - वह लेखक जिसने हिन्दी कथाधारा का रुख बदला उसे ग्रामीण भारत के बिम्बों और ध्वनियों से समृद्ध किया और हिन्दी गद्य की भाषा को कविता से भी ज्यादा प्रवहमान बनाया। उन्हीं रेणु की सम्पूर्ण कहानी सम्पदा को इस पुस्तक में प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रेम संवेदना हिंसा राजनीति अज्ञानता और भावुकता के विभिन्न रूप और रंगों की ये कहानियाँ भारत के ग्रामीण अंचल की चेतना का प्रतिनिधित्व करती है और स्वातंत्रयोत्तर भारत का सांस्कृतिक आईना हैं। इन कहानियों में लेखक ने लोकभाषा जनसाधारण के रोजमर्रा जीवन और परिवेश को जितने मांसल ढंग से व्यक्त किया है उसने हिन्दी की ताकत और क्षमता को भी बढ़ाया है। रेणु की 27 अगस्त 1944 में प्रकाशित पहली कहानी ‘बट बाबा’ से लेकर नवम्बर 1972 में प्रकाशित अन्तिम कहानी ‘भित्तिचित्र की मयूरी’ सहित विभिन्न संग्रहों में प्रकाशित उनकी कहानियों को यहाँ साथ लाया गया है ताकि पाठक अपने इस प्रिय लेखक को एक लय में पढ़ सकें। पाठकों के अलावा शोध छात्रों के लिए भी संग्रहणीय कृति।
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.
830
1395
40% OFF
Hardback
Out Of Stock
All inclusive*
downArrow

Details


LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE