मुग़ल शासनकाल में जितने भी राजा महाराजा हुए उन सबमे अकबर सबसे अलग प्रभावशाली और शक्तिशाली राजा थे। अकबर एक बहुत ही बहादुर और शांतिप्रिय राजा था। उसकी सबसे खास बात यह है की उसने बचपन से राज्य चलाने का काम किया था। अकबर तीसरे मुगल सम्राट थे जो कि महज 13 साल की छोटी सी उम्र में मुगल राजवंश के सिंहासन पर बैठ गए थे और उन्होंने अपने मुगल सम्राज्य का न सिर्फ काफी विस्तार किया बल्कि हिन्दू-मुस्लिम एकता पर बल देने के लिए कई नीतियां भी बनाईं। अपने शासनकाल में शांतिपूर्ण माहौल स्थापित किया एवं कराधान प्रणाली को फिर से संगठित किया। उन्हें अकबर-ए-आज़म शहंशाह अकबर के नाम से भी जाना जाता था।