खुशवंत सिंह का यह उपन्यास जब अंग्रेज़ी में प्रकाशित हुआ तो सभी जगह चर्चा का विषय बन गया क्योंकि यह एक तरह से प्रच्छन्न रूप में भारत के एक प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित है और इसमें अनेक ऐसी नई बातें उन्होंने लिखी हैं जो पहले प्रकाश में नहीं आईं। उनके बचपन से लेकर लन्दन में उनके किशोर जीवन और बाद में उनके प्रधानमंत्री काल तक सभी अनछुए प्रसंगों का चित्रण है। ऐसे उपन्यास लिखना साहस का काम है। मूलतः अंग्रेज़ी में लिखा गया उपन्यास प्रकाशित होते ही 'बैस्टसैलर' बन गया।