शकील प्रेम की क्रांतिकारी कविताओं का नवीन संग्रह- संवेदनाएं जिसे पढ़कर आप खुद के अंदर की संवेदनाएं का आंकलन कर सकते हैं। यह काव्य संग्रह इसलिए और भी खूबसूरत हो जाती है कि इससे होने वाली रॉयल्टी से आप गुरबत के घुप्प अंधेरे में खोए हुए बचपन को शिक्षा के उजाले में लाने के मानस के प्रयास का हिस्सा हो जाते हैं।