लेखिका बिहार के पटना से हैं ये हिंदी और इतिहास में एम.ए. तथा शिक्षा विशारद हैं। पिछले तीस वर्षों से शिक्षण संस्थान से जुड़ी हैं। इनकी शिक्षण शैली अदभुत प्रभावपूर्ण है। लेखन का शौक किशोरावस्था से ही है। सौम्य व्यक्तित्व्य की स्वामिनी संध्या शर्मा की कथाओं को पढ़कर एक सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इनकी कहानियाँ विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। बच्चों के लिए सकारात्मक सोच वाली कविताएँ तथा नाटिकाएँ लिखना उनका निर्देशन तथा मंच पर बच्चों द्वारा उनका प्रस्तुतीकरण इनका शौक रहा है। इसके अतिरिक्त इनकी रूचि पाक कला में भी है। व्यंजन प्रतियोगिताओं में इन्होंने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। संध्या सुरभि इनका प्रथम कहानी संकलन है। संध्या सुरभि पर आपके सुझाव और सराहना की हमें प्रतीक्षा रहेगी।