प्रत्येक व्यक्ति किसी विशिष्ट उद्देश्य से किसी कार्य को करने के लिए उद्यत होता है। संस्कृत साहित्य का परिचय एवं भारतीय संस्कृति को प्रस्तुत करने का भी एक विशिष्ट उद्देश्य है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारतीय प्रशासनिक सेवा आई.ए.एस. को भारत की अन्य सभी उच्च सेवाओं में सबसे प्रतिष्ठित एवं कठिन माना गया है। इस परीक्षा के ऐच्छिक विषय संस्कृत भाषा का पाठ्यक्रम विस्तृत श्रमसाध्य और प्रभूत समय मांगता है। बाजार में सुलभ संस्कृत साहित्य के इतिहास की पुस्तकों में कहीं भी ये समस्त पाठ्यवस्तु एक साथ उपलब्ध नहीं है जो इस परीक्षा के अभ्यर्थी का मार्गदर्शन कर सके। संस्कृत भाषा को ऐच्छिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले परीक्षार्थी के लिए यह समस्या विकराल है और पाठ्यवस्तु इतनी विस्तृत कि सभी पुस्तकों का अध्ययन सम्भव नहीं हैं। वर्षों के अथक प्रयास से समस्त पुस्तकों का गम्भीर अनुशीलन करने पर इस पुस्तक में परीक्षा के योग्य प्रबन्धों की प्रस्तुति की गई है। परीक्षा के पाठ्यविषय के विस्तृत होने के कारण यह पुस्तक शास्त्री आचार्य एम.ए. बी.ए. के अभ्यर्थियों के लिए भी उपादेय बन गई है। अधिक से अधिक छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में संस्कृत विषय को चुनें और उन्हें अपनी पाठ्यवस्तु एक स्थान पर मिल जाए इसी कामना से यह पुस्तक लिखी गई है। लेखक के श्रम का मूल्यांकन तो विज्ञ पाठक ही कर पाएँगे और पाठकों का मनोरथ सफल हो इसी में लेखक की सन्तुष्टि है।