इस पुस्तक में संत ज्ञानेश्वर का जीवन परिचय एवं उनका काव्य दिया गया है। प्रख्यात लेखक डॉ. प्रभाकर माचवे ने इसे संपादित किया है। संत ज्ञानेश्वर महाराष्ट्र के संत थे। 21 वर्ष की आयु में ही समाधि लेने वाले महान संत की कविताएं आज सारी दुनिया में लोकप्रिय हैं।