Sant Mammauji


Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.
Review final details at checkout.

LOOKING TO PLACE A BULK ORDER?CLICK HERE

About The Book

संसार असार है मिथ्या है। जन्म मृत्यु रोग और जरा का कुचक्र है। उसे मोक्ष चाहिए। उसे लगता था कि कामनाओं से मुक्त होकर ही मोक्ष मिलेगा। और कामनाओं पर नियंत्रण के लिए सजग और सतत प्रयास चाहिए। किसी अज्ञात प्रेरणा से संचालित होकर उसने ब्रह्मचर्य का रास्ता चुना। किन्तु भावनाओं के उद्दाम वेळ ने उसे प्रेम तट पर ला फेंका। भारतीय अध्यात्म के चिरंतन द्वंद्व वैराग्य और गृहस्थ के बीच वह झूलने लगा। उपन्यास नायक के इस द्वंद्वात्मक सफ़र और नायिका के इस्पाती इरादे को रोचक तरीके से उकेरता है। कहानी में समय से पूर्व परिपक्व हो चुकी तेरह वर्षीया विदिशा भी आती है जो पिता के अधूरे सपने को अपना बना लेती है। कथा-प्रवाह और अनूठी लेखन शैली इसे पठनीय कृति बनाती है।.
Piracy-free
Piracy-free
Assured Quality
Assured Quality
Secure Transactions
Secure Transactions
Fast Delivery
Fast Delivery
Sustainably Printed
Sustainably Printed
downArrow

Details