सपने और हक़ीक़त के बीच” केवल कविताओं की किताब नहीं है यह मन के सबसे मौन कोनों में यात्रा है। सुमित मिश्रा जो कवि चिंतक फिल्मकार लेखक और चित्रकार हैं ने इस संग्रह में उन गहरी भावनाओं को जीवंत कर दिया है जिन्हें केवल गहरे अनुभव वाले लोग ही लिख सकते हैं। उनकी कविताएँ जो इच्छा प्रतिबिंब जुनून विराम आशा और निराशा से भरपूर हैं उस मध्य स्थान को उजागर करती हैं जहाँ हमारे सपने और हम जी रहे हैं एक साथ मिलते हैं।