एक ऐसी युवती की कहानी जिसे जीवन में दो बार प्रेम मिला फिर भी उसका जीवन रिक्त ही रहा। प्रथम प्रेमी से धोखा खाने के बाद द्वितीय प्रेमी से उसने स्वयं शादी करने से इनकार कर दिया और जो उसका कॉलेज का दोस्त था जिसने हर कदम पर उसका साथ दिया था वह उसकी भावनाओं को समझ नहीं पाई और नतीजतन उसके मित्र ने आत्महत्या कर ली और माही की जीवन यात्रा पुनः अकेली ही चल पड़ी। वरिष्ठ पत्रकार लेखक व फ़िल्म निर्माता मान सिंह दीप सिनेमा और पत्रकारिता दोनों ही जगत का एक चर्चित नाम है इन्होंने फ़िल्म जगत से जुड़कर ‘गुनहगार’ ‘जुर्माना’ ‘राजा भैया’ ‘कृष्णावतार’ ‘क्रांतिक्षेत्र’ और ‘गहरीचाल’ जैसी फिल्मों का सफ़ल निर्माण करने के अलावा दूरदर्शन नेशनल चैनल पर प्रसारित टी.वी श्रृंखला ‘आशियाना’ का भी निर्माण किया जो अपने समय की बहुत लोकप्रिय श्रृंखला थी। जीवन के आरंभिक दौर में लेखक ने अपना करियर बतौर पत्रकार शुरू किया था और टाइम्स ऑफ़ इंडिया हिंदुस्तान टाइम्स व आनंद बाजार पत्रिका समूह के अतिरिक्त भी भारतवर्ष के अन्य प्रकाशन समूह की सैकड़ों पत्र पत्रिकाओं में नियमित लेख कहानियां और कविताएं लिखने का कार्य किया। लेखन से जुड़े अपने अद्भुत प्रेम को लेखक ने फ़िल्म निर्माता बन जाने के बावजूद जारी रखा इसी कड़ी में लेखक के चार उपन्यास ‘रेत का महल’ ‘फिर लौटती जिंदगी’ ‘सपनों की तलाश’ और ‘मेरी टूटू’ प्रमुख हैं! निरंतर लेखन की ओर अग्रसर मान सिंह दीप का साहित्य में यह अपूर्व योगदान है!""